सीएम के आगमन से पहले जागा सिस्टम, लंबे समय से अनदेखी जनसमस्याओं पर रातों-रात दिखी सक्रियता,,रिपोर्ट@राजकुमार गौतम उमारिया
सीएम के आगमन से पहले जागा सिस्टम, लंबे समय से अनदेखी जनसमस्याओं पर रातों-रात दिखी सक्रियता

पाली (उमरिया) - नगर की सड़कों पर लंबे समय से मौजूद गड्ढों और बदहाल मार्गों से परेशान आम नागरिकों को आखिरकार कुछ राहत मिलती दिखाई दी। स्थानीय लोगों का कहना है कि ये वही समस्याएं हैं, जिनकी ओर न तो जिला प्रशासन और न ही नगरीय प्रशासन का ध्यान लंबे समय तक गया, लेकिन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के जिले में आगमन की सूचना मिलते ही इन पर कार्रवाई होती नजर आई।

तस्वीरों में स्पष्ट देखा जा सकता है कि पाली नगर की जिन सड़कों पर महीनों से गड्ढे बने हुए थे और जो रोज़मर्रा की आवाजाही में लोगों के लिए परेशानी का कारण थे, उन्हें रातों-रात मिट्टी व अन्य सामग्री डालकर समतल किया गया। नागरिकों का कहना है कि जिन जनसमस्याओं का समाधान लंबे समय से नहीं हो पाया, वे मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान स्वतः ही प्राथमिकता में आ गईं।

*हेलीपैड से मंदिर मार्ग तक पहले सुधरा रास्ता*
प्राप्त जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव दोपहर लगभग 2 बजे गुरवाही हेलीपैड से हेलीकॉप्टर द्वारा पाली के प्रकाश नगर स्थित हेलीपैड पर उतरेंगे। इसके बाद वे सड़क मार्ग से जगत जननी माता बिरासिनी के दर्शन के लिए मंदिर पहुंचेंगे।

इसी प्रस्तावित मार्ग पर प्रशासनिक स्तर पर सुधार कार्य किए गए, जहां लंबे समय से मौजूद गड्ढों को भरकर मार्ग को सुगम बनाया गया।
नगर पालिका पर तंज: गुडवत्ता विहीन कीटनाशक का छिड़काव
मुख्यमंत्री के आगमन से पहले नगर पालिका ने नगर में कीटनाशक का छिड़काव किया, जो गुडवत्ता विहीन ब्लीचिंग पाउडर था। इसकी खरीद एंटी-स्प्रे पाउडर के नाम से लगभग 8 लाख रुपये में की गई थी। पहले भी इस पाउडर को लेकर खबर प्रकाशित हो चुकी है। नगर पालिका के इंजीनियर पांडे से पूछने पर कहा गया कि “मैं नहीं जानता यह कौन सा पाउडर है”, और जानकारी के अनुसार इसकी खरीदी नियम अनुसार नहीं की गई थी।

नागरिकों का तंज है कि जब मुख्यमंत्री के आगमन पर ही नगर पालिका सक्रिय होकर यह छिड़काव करती है, तो भला आम दिनों में नगर की स्थिति क्या होगी, आप समझ ही सकते हैं।
*माता बिरासिनी मंदिर परिसर में कड़ा सुरक्षा घेरा*
मुख्यमंत्री के प्रस्तावित दर्शन कार्यक्रम को लेकर माता बिरासिनी मंदिर परिसर में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि मंदिर प्रांगण और प्रवेश मार्ग पर पुलिस बल, महिला पुलिस, सादे कपड़ों में सुरक्षाकर्मी एवं वरिष्ठ अधिकारी तैनात हैं।
परिसर में रेड कार्पेट बिछाया गया है और हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। सुरक्षा के दृष्टिकोण से श्रद्धालुओं की आवाजाही को नियंत्रित किया गया है, ताकि दर्शन कार्यक्रम शांतिपूर्ण और व्यवस्थित रूप से संपन्न हो सके।
दौरा व्यक्तिगत, फिर भी दिखी प्रशासनिक तत्परता
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री का यह प्रवास प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार पूरी तरह व्यक्तिगत बताया जा रहा है। वे अपने परिवार के साथ उमरिया जिले के प्रवास पर हैं, जहां वे बांधवगढ़ में सफारी का आनंद लेने पहुंचे हैं। इसी दौरान वे पाली नगर स्थित जगत जननी माता बिरासिनी के दर्शन कर प्रदेश एवं प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि के लिए पूजा-अर्चना करेंगे।
हालांकि दौरा निजी है, लेकिन इसके चलते जिला एवं नगरीय प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया, और वही समस्याएं, जो लंबे समय तक अनदेखी रहीं, एक ही रात में समाधान की ओर बढ़ती दिखाई दीं।
NH-43 को लेकर भी व्यक्त की गई जनभावना
स्थानीय नागरिकों ने यह भी कहा कि “जिस तरह नगर के भीतर मार्गों के गड्ढे भरे गए हैं, यदि इसी प्रकार की सक्रियता राष्ट्रीय राजमार्ग-43 पर भी दिखाई जाती, तो शायद वहां की वर्षों पुरानी समस्या का भी समाधान संभव हो पाता।”
लोगों के अनुसार एनएच-43 पर पिछले लगभग दस वर्षों से सड़क निर्माण कार्य चल रहा है, जो अब तक अधूरा है और आमजन को लगातार कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
जनता के मन में सवाल कायम
फिलहाल नगर के कुछ मार्गों पर अस्थायी राहत जरूर मिली है, लेकिन नागरिकों के मन में यह सवाल अब भी बना हुआ है कि
क्या इन जनसमस्याओं पर सामान्य दिनों में भी इसी गंभीरता से ध्यान दिया जाएगा, या फिर समाधान हर बार किसी विशेष अवसर का इंतजार करेगा।


