ग्राम पंचायत बेली में सीसी रोड निर्माण पर उठे सवाल,बिना अनुमति नदी की रेत और मानकविहीन निर्माण सामग्री का उपयोग,,रिपोर्ट@राजकुमार गौतम उमरिया
ग्राम पंचायत बेली में सीसी रोड निर्माण पर उठे सवाल,बिना अनुमति नदी की रेत और मानकविहीन निर्माण सामग्री का उपयोग
पाली। जनपद पंचायत पाली के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत बेली में 15वें वित्त आयोग के तहत लगभग 5 लाख रुपये की लागत से 100 मीटर लंबी सीसी रोड का निर्माण कराया जा रहा है। यह सड़क निर्माण कार्य आंगनवाड़ी क्रमांक 2 के पास से सभा बाई के घर तक कराया जा रहा है।
लेकिन निर्माण स्थल की स्थिति देखकर ग्रामीणों ने गंभीर सवाल उठाए हैं कि इस कार्य में गांव के ही नदी-नालों से रेत निकालकर उपयोग किया जा रहा है और निर्माण में तय मानक का पालन नहीं किया गया है।
स्थानीय नागरिकों के अनुसार, सड़क निर्माण के साथ-साथ ही क्रक्स (किनारे) टूटने लगे हैं, जिससे सड़क की मजबूती पर प्रश्न खड़े हो रहे हैं। बताया गया है कि मिश्रण में निर्धारित अनुपात में मसाला नहीं डाला गया, और कई स्थानों पर सेंटरिंग में लकड़ी की बल्लियों का उपयोग किया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि पूरा कार्य लीपा-पोती के अंदाज में किया जा रहा है।
शासन के नियमों के अनुसार किसी भी शासकीय निर्माण कार्य में प्रयुक्त रेत केवल स्वीकृत खदान से रॉयल्टी भुगतान के बाद ही लाई जा सकती है, लेकिन बेली पंचायत में यह नियम दरकिनार किए जा रहे हैं।
ग्राम पंचायत बेली के सचिव बदन सिंह ने बताया कि यह निर्माण कार्य उनके द्वारा स्वयं कराया जा रहा है और रेत पंचायत से निकाल कर लगाई जा रही है। जब उनसे पूछा गया कि इसके लिए अनुमति ली गई है या नहीं, तो उन्होंने कहा कि पंचायत में अनुमति की जरूरत नहीं है।
इस संबंध में जिला खनिज अधिकारी डॉ वी.के. तिवारी ने कहा कि बिना अनुमति कोई भी पंचायत रेत का उपयोग नहीं कर सकती। इसके लिए सीईओ के माध्यम से माइनिंग विभाग से अनुमति लेना आवश्यक है। यदि पंचायत में चोरी की रेत का उपयोग किया जा रहा है, तो जांच कराकर विधिवत कार्रवाई की जाएगी।
जनपद पंचायत पाली के सीईओ कुमार कन्हाई ने कहा कि मामले की जांच कराई जाएगी। यदि अवैध रेत का उपयोग पाया गया, तो रेत जप्त कर उचित कार्रवाई की जाएगी, साथ ही कार्य का भुगतान भी रोका जाएगा।
तकनीकी प्रभारी इंजीनियर रश्मि दुवेदी ने कहा कि वह मामले को दिखवाकर जानकारी देंगी।
ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि बिना अनुमति रेत उपयोग करने और निर्माण में मानक का पालन न करने पर सरपंच व सचिव के खिलाफ कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि यदि जांच निष्पक्ष रूप से हुई तो इस कार्य में हुई अनियमितताएं साफ़ उजागर हो जाएंगी।


