सूदखोर रामराज ने आदिवासी सेवानिवृत्ति कालरी से हड़पें कई लाखों रुपए..!

पीड़ित शिकायतकर्ता ने रामराज रजक निवासी भालूमाड़ा पर पैसे की धोखाधड़ी करने का लगाया गम्भीर आरोप, सेवानिवृत्ति कालरी कर्मचारी की ड्यूटी की उपस्थिति पंजी रजिस्टर की  जांच हो तो सूदखोर रामराज के खुल जाएंगे काले साम्राज्य का  सूदखोर का राज..?


भालूमाड़ा - जिले की कोयलांचल नगरी भालूमाड़ा जमुना-कोतमा क्षेत्र सहित आसपास के ग्रामीण अंचलो में एक बार पुनः सूदखोर बैंक दलालों ने पूर्व की तरह अवैध कारोबार का साम्राज्य खडा कर भोले भाले ग्रामीणों को निशाना बनाकर उनके जीवन भर की जमा पूंजी पर हाथ साफ करने की जुगत मे सक्रिय हो गये है। पूर्व पुलिस अधीक्षक अखिल पटेल की सख्त कार्यवाही से सूदखोर बैंक दलाल भले अपनी दुकान बंद कर क्षेत्र से नौ दो ग्यारह हो गये थे लेकिन उनके काले कारनामों की परतें आज भी खुल रही है ,हालिया मामला  भाद निवासी युवक तीरथ सिंह के पिता स्व.मिलन सिंह से जुडा हुआ है जिसकी लिखित शिकायत भालूमाडा थाने मे की गयी है।

ब्याज मे राशि देकर गिरवी रखे एटीएम बैंक पासबुक  ---

शिकायतकर्ता तीरथ सिंह गोड़ पिता स्व.मिलन सिंह  गोड़ ने थाने में लिखित शिकायत में बताया कि रामराज रजक पिता भोंडा रजक निवासी भालूमाडा दफाई नंबर 03 के द्वारा वर्ष 2015  में15 प्रतिशत ब्याज की दर दो लाख रूपये कर्ज के तौर पर दिए थे। ब्याज में पैसे लेने के कुछ दिनो बाद ही सूदखोर रामराज रजक द्वारा सेवानिवृत्ति कालरी कर्मचारी मिलन सिंह के बैंक पासबुक, एटीएम कार्ड को गिरवी के तौर पर रख लिया गया था और एटीएम कार्ड के जरिए लगातार रूपयो का आहरण किया जाता रहा।

  सूदखोर ने एटीएम कार्ड गिरवी कर  हड़पे लाखो रूपए  --

पीडित पक्ष ने लिखित शिकायत में बताया कि सूदखोर रामराज रजक द्वारा उसके सेवानिवृत्त कालरी कर्मचारी पिता का एटीएम, बैंक पासबुक को गिरवी रखने के बाद पिता की मासिक वेतन से कभी पाँच हजार तो कभी दस हजार रूपये घरेलू खर्च के लिए देकर कई वर्षो तक बाकी की लगभग लाखो रूपये की राशि का आहरण मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ सहित उत्तरप्रदेश के अलग अलग जिलो के एटीएम से राशि का आहरण करता रहा। राशि आहरण को लेकर जब विरोध किया जाता तो सूदखोर रामराज रजक द्वारा ब्याज मे ली गयी राशि के चुकता हो जाने पर बैंक पासबुक सहित एटीएम कार्ड वापस करने की बात कह अनपढ अशिक्षित मिलन सिंह को लगातार आश्वासन के सहारे गुमराह करता रहा।

 उधार लिए 9 लाख रूपये ,माँगने पर मिलती जातिसूचक गालिया -

पीडित ने भालूमाडा थाने मे शिकायत करते हुए बताया कि सूदखोर रामराज रजक द्वारा मुझे और मेरे पिता स्व.मिलन सिंह गोड़ को चार पहिया वाहन मे बैठाकर भारतीय स्टेट बैंक की शाखा जमुना से दिनाँक 3 अक्टूबर 2015 को मेरे पिता मिलन सिंह गोड़ से नौ लाख रूपये नगद बैंक से निकलवाकर वाहन मे बैठाने के बाद 9 लाख रूपये उधारी के नाम पर अपने पास रख लिया, संपूर्ण राशि साल भर के अंदर वापस करने की बात कही गयी थी, लेकिन पैसे माँगने पर जातिसूचक गाली का उपयोग कर शिकायतकर्ता सहित उसके मददगारो को झूठे मामले में फसाने की धमकी दी जाती है।

सूदखोर रामराज ने आदिवासी के खाते से अपने खाते में  पैसे किये ट्रांसफर --

 शिकायतकर्ता आदिवासी तीरथ सिंह गोड़ ने सूदखोर रामराज रजक पर पर आरोप लगाते हुए बताया कि रामराज रजक द्वारा  मेरे पिता के खाते से स्वयं के खाते मे भी दस हजार रूपये का ट्रांसफर दिनाँक 6 नवंबर 2019 को किए गये थे ,जब सूदखोर रामराज के चोरी छिपे इस फर्जीवाडे की भनक मुझे एवं मेरे पिता जी को लगी तो अब तक की कुल आहरित की गयी  राशि को लेकर मेरे एवं मेरे पिता जी के द्वारा माँग की गयी तो कभी दो महीने कभी चार महीने की बात कहकर कई सालो से लगातार गुमराह करता रहा और मेरे पिता को मानसिक रूप से प्रताडित किया जाता रहा, मानसिक प्रताडना के कारण पीडित मिलन सिंह की मौत हो जाती है।

कहना है --

थाने मे शिकायत प्राप्त हुई है जाँच चल रही है मामले की विवेचना के बाद उचित कार्यवाही की जाएगी।

रामकुमार धारिया 
थाना प्रभारी भालूमाड़ा जिला अनूपपुर