स्थानांतरण आदेशों पर उच्च न्यायालय की रोक, अनूपपुर व रीवा के शिक्षकों को मिली बड़ी राहत

अनूपपुर/जबलपुर। स्थानांतरण आदेशों से प्रभावित शिक्षकों को उच्च न्यायालय से बड़ी राहत मिली है। उच्च न्यायालय जबलपुर ने दो शिक्षकों के स्थानांतरण आदेशों पर अंतरिम रोक लगाते हुए संबंधित मामलों में यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। न्यायालय के इस फैसले को शिक्षकों के लिए महत्वपूर्ण राहत के रूप में देखा जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, विद्या निकेतन हायर सेकेंडरी स्कूल बदरा कॉलरी, जिला अनूपपुर में पदस्थ माध्यमिक शिक्षक (गणित) शिवनारायण शर्मा का स्थानांतरण शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल देवगवा कर दिया गया था। स्थानांतरण आदेश जारी होने के बाद श्री शर्मा ने अपने स्थानांतरण को निरस्त करने के लिए सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग, अनूपपुर के समक्ष आवेदन प्रस्तुत किया था। हालांकि, विभागीय स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने के कारण उन्होंने न्यायालय की शरण ली।
श्री शर्मा द्वारा उच्च न्यायालय जबलपुर में याचिका दायर की गई, जिस पर सुनवाई करते हुए न्यायालय ने 2 जुलाई को स्थानांतरण आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी। न्यायालय के आदेश के बाद फिलहाल उनके स्थानांतरण पर रोक लग गई है और मामले की आगे सुनवाई की जाएगी।
इसी प्रकार एक अन्य मामले में गोपाल नारायण श्रीवास्तव का स्थानांतरण शासकीय ज्ञानोदय विद्यालय रीवा से शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल कमचा, ब्लॉक कुसुमी, जिला सीधी किया गया था। श्री श्रीवास्तव ने भी स्थानांतरण आदेश को चुनौती देते हुए न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था। सुनवाई के दौरान न्यायालय ने उनके स्थानांतरण आदेश पर भी अंतरिम रोक प्रदान कर दी है।
दोनों मामलों में शिक्षकों की ओर से अधिवक्ता दीपक पांडे ने पक्ष रखा। अधिवक्ता द्वारा प्रस्तुत तथ्यों और दस्तावेजों पर विचार करने के बाद न्यायालय ने अंतरिम राहत प्रदान की।
कानूनी जानकारों का मानना है कि यह आदेश उन कर्मचारियों और शिक्षकों के लिए महत्वपूर्ण संकेत है, जो स्थानांतरण संबंधी आदेशों को लेकर न्यायिक राहत की अपेक्षा रखते हैं। वहीं, शिक्षा विभाग और आदिवासी विकास विभाग के अधिकारियों की नजर अब इन प्रकरणों की आगामी सुनवाई पर रहेगी।
उच्च न्यायालय के इस आदेश के बाद संबंधित शिक्षकों और उनके समर्थकों में संतोष का माहौल है। अब सभी की निगाहें मामले की अगली सुनवाई और अंतिम निर्णय पर टिकी हुई हैं।