एनएच-43 पर खड़े ट्रक से टकराई बोलेरो, चालक की मौत,शहडोल डीएफओ परिवार के 6 सदस्य घायल, दो की हालत गंभीर,,रिपोर्ट@राजकुमार गौतम उमारिया
एनएच-43 पर खड़े ट्रक से टकराई बोलेरो, चालक की मौत,शहडोल डीएफओ परिवार के 6 सदस्य घायल, दो की हालत गंभीर
पाली/उमरिया- राष्ट्रीय राजमार्ग एनएच-43 पर जेके कॉम्प्लेक्स के पास गुरुवार-शुक्रवार की दरमियानी रात करीब 1 बजे एक और दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। शहडोल से बांधवगढ़ सफारी के लिए जा रही बोलेरो वाहन सड़क किनारे खड़े ट्रक CG-04-PE-9439 में जा घुसी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बोलेरो चालक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि वाहन में सवार 6 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
सूचना मिलते ही घुनघुटी चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और सभी घायलों को जिला अस्पताल शहडोल भेजा गया। दो घायलों की हालत गंभीर होने पर उन्हें जबलपुर रेफर किया गया है।
मृतक
इजहार खान (32), पिता तकदीर खान, निवासी मेढकी, थाना पाली
(शव जिला अस्पताल शहडोल की मर्चुरी में रखा गया है)
घायल
श्रेया मर्सकोले (20)
भानुशी मरावी (20)
भगवंती मर्सकोले (गंभीर, जबलपुर रेफर)
जूही बनर्जी (22)
साक्षी मर्सकोले (22)
मीनाक्षी मर्सकोले (26) (अगली सीट पर सवार, हालत नाजुक — मेट्रो अस्पताल जबलपुर रेफर)
सभी घायल नरसराहा डिपो, गोरतारा (शहडोल) क्षेत्र के निवासी बताए जा रहे हैं।
रात्रि भोजन के बाद सफारी के लिए निकले थे
बताया गया है कि बोलेरो नरसराहा डिपो से बांधवगढ़ जा रही थी। यात्रा से पहले सभी लोग एसडीओएफ शहडोल श्रद्धा पेंड्रों के निवास पर रात्रि भोजन कर निकले थे। वाहन में सवार सभी लोग एसडीओएफ पेंड्रों मैडम के पारिवारिक सदस्य बताए जा रहे हैं, जबकि मृतक इजहार खान वाहन चालक था।
खड़े ट्रक बन रहे मौत का कारण
स्थानीय लोगों का कहना है कि एनएच-43 पर अक्सर खराब या दुर्घटनाग्रस्त ट्रक बीच सड़क पर ही खड़े रह जाते हैं। रात के समय रिफ्लेक्टर, चेतावनी संकेत और लाइट की व्यवस्था न होने के कारण ये ट्रक दूर से दिखाई नहीं देते, जिससे तेज रफ्तार वाहन सीधे उनमें जा घुसते हैं और गंभीर हादसे हो जाते हैं।
इसी महीने और पिछले महीने भी हुए थे हादसे
स्थानीय उदाहरण बताते हैं कि इसी माह 8 दिसंबर को घुनघुटी क्षेत्र में एक ट्रक पहले से खड़े ट्रक के पीछे जा घुसा था। हादसे में चालक पूरी रात ट्रक के केबिन में फंसा रहा और दर्द से कराहता रहा। करीब 10 घंटे बाद कटर मशीन से केबिन काटकर उसे बाहर निकाला गया।
इसी तरह पिछले महीने पाली-रामपुर मार्ग पर शासकीय कन्या स्कूल के पास एक दुर्घटनाग्रस्त ट्रक में बाइक सवार युवक के घुस जाने से मौके पर ही मौत हो गई थी।
प्रशासनिक अनदेखी पर सवाल
लगातार हो रहे हादसों के बावजूद हाइवे पेट्रोलिंग, ट्रैफिक पुलिस और परिवहन विभाग की निष्क्रियता पर सवाल उठ रहे हैं। सड़क पर खड़े भारी वाहनों को हटाने, रिफ्लेक्टर व चेतावनी बोर्ड लगाने और रात में निगरानी बढ़ाने की मांग स्थानीय लोगों द्वारा लगातार की जा रही है, लेकिन अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है।


