“शासकीय महाविद्यालय कोतमा के ईको क्लब द्वारा दोना-पत्तल एवं लिफाफे बनाने के लिए हुआ कार्यशाला का आयोजन”

“शासकीय महाविद्यालय कोतमा के ईको क्लब द्वारा दोना-पत्तल एवं लिफाफे बनाने के लिए हुआ कार्यशाला का आयोजन”
कोतमा। दिनांक 22 फरवरी को शासकीय महाराजा मार्तंड महाविद्यालय कोतमा में महाविद्यालय के ईको क्लब द्वारा पर्यावरण शिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत दोना-पत्तल एवं कागज के लिफाफे बनाने की एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण, प्लास्टिक के उपयोग को कम करना एवं स्वावलंबन को बढ़ावा देना था। कार्यशाला में विद्यार्थियों ने पारंपरिक और प्राकृतिक संसाधनों से निर्मित दोना-पत्तल और पुनःचक्रित कागज से लिफाफे बनाने की विधि सीखी।
कार्यक्रम की शुरुआत महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. विनय कुमार सोनवानी द्वारा माँ सरस्वती की पूजा-अर्चना और दीप प्रज्ज्वलन कर की गई। कार्यक्रम में आगे महाविद्यालय के प्राचार्य ने अपने उद्बोधन में उन्होंने कहा, “पर्यावरण संरक्षण हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। प्लास्टिक कचरे को कम करने के लिए हमें ऐसे टिकाऊ और पारंपरिक उपाय अपनाने होंगे, जो न केवल पर्यावरण के अनुकूल हों, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी सशक्त करें। इस कार्यशाला के माध्यम से छात्र-छात्राएं आत्मनिर्भरता की दिशा में भी आगे कदम बढ़ा सकते हैं।“
महाविद्यालय के ईको क्लब प्रभारी डॉ. गिरेन्द्र शर्मा ने कार्यशाला की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा, “दोना-पत्तल और कागज के लिफाफे बनाने की यह प्रक्रिया न केवल पर्यावरण हितैषी है, बल्कि इसके माध्यम से युवा स्वरोजगार के अवसर भी तलाश सकते हैं। हमें प्राकृतिक संसाधनों का सतत उपयोग सुनिश्चित करना चाहिए ताकि भविष्य की पीढ़ियों के लिए भी पर्यावरण संतुलित बना रहे।“ कार्यशाला में महाविद्यालय के 50 विद्यार्थियों ने सहभागिता की। प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले सभी विद्यार्थियों को पर्यावरण अनुकूल जीवन जीने के लिए प्रेरित करने के लिए महाविद्यालय के ईको क्लब द्वारा टोपी, बैच तथा जूट का थैला प्रदान किया गया। साथ ही ईको क्लब के स्वयंसेवकों और महाविद्यालय के सभी स्टाफ़ के लिए इको क्लब की तरफ से स्वल्पाहार की व्यवस्था की गई।
कार्यशाला के अंत में महाविद्यालय के आईक्यूएसी प्रभारी बोस्को लकड़ा ने कार्यशाला के सफल आयोजन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए सभी प्रतिभागियों एवं आयोजन समिति का आभार प्रकट किया। उन्होंने कहा, “इस तरह के कार्यक्रम विद्यार्थियों में नवाचार और सतत विकास के प्रति जागरूकता उत्पन्न करते हैं। हमें ऐसे और प्रयास करने चाहिए, जिससे महाविद्यालय के विद्यार्थी पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जिम्मेदारी को गंभीरता से अपनाएं। “इस कार्यशाला में ईको क्लब के सदस्य डॉ. प्रवीण यादव, डॉ. राज कुमार रैदास एवं कृती मरावी के अतिरिक्त डॉ. श्री कान्त मिश्र, डॉ. अनीता तिवारी, मो. मोबीन ने अपनी सहभागिता कर सराहनीय योगदान दिया। कार्यशाला को सफल बनाने में महाविद्यालय परिवार के सभी स्टाफ़ का सराहनीय योगदान रहा।