पिपराडी में शिवरात्रि पर लगता है 200 वर्षों पुराना ऐतिहासिक मेला,,रिपोर्ट@राजकुमार गौतम उमारिया
पिपराडी में शिवरात्रि पर लगता है 200 वर्षों पुराना ऐतिहासिक मेला
उमरिया जिले की ग्राम पंचायत पिनौरा अंतर्गत पिपराडी में लगने वाला शिवरात्रि का मेला लगभग दो सौ वर्षों से क्षेत्र की धार्मिक और सांस्कृतिक आस्था का केंद्र बना हुआ है। हर वर्ष महाशिवरात्रि के अवसर पर यहाँ बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करते हैं और मेले में भाग लेते हैं।
ग्राम के पंडित बिशम्भर दुवेदी बताते हैं कि इस मेले की शुरुआत एक दिव्य स्वप्न से हुई थी। उनके अनुसार, ग्राम पिनौरा निवासी जनकराम मिश्रा के पिता को स्वप्न में संकेत मिला कि पिपराडी में पीपल और बरगद के संयुक्त वृक्ष के नीचे भोले बाबा विराजमान हैं। जब बताए गए स्थान पर खुदाई की गई, तो वहाँ शिवलिंग प्रकट हुआ। इसके बाद विधि-विधान से प्राण-प्रतिष्ठा कर मंदिर की स्थापना की गई और तभी से यहाँ शिवरात्रि पर मेले की परंपरा चल पड़ी।
समय के साथ पुराना छोटा मंदिर जर्जर होकर ढह गया था, जिसके बाद मंदिर का जीर्णोद्धार एवं नवीन मंदिर निर्माण ग्राम निवासी योगेश दुवेदी पिता: जवाहरलाल दुवेदी द्वारा कराया गया। वहीं श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए धाम परिसर में धर्मशाला का निर्माण भी बिशम्भर प्रसाद दुवेदी द्वारा कराया गया।

आज यह धाम आसपास के कई गाँवों के लोगों की आस्था का प्रमुख केंद्र बन चुका है। शिवरात्रि पर यहाँ पूजा-अर्चना, भंडारे और मेले का आयोजन होता है, जिससे पूरे क्षेत्र में उत्सव जैसा वातावरण बन जाता है।


