अंगूठा लगवाकर डकारा 23 लाख का राशन, विक्रेता पर मामला दर्ज,कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी की शिकायत पर कार्रवाई, महीनों तक हितग्राहियों को नहीं मिला अनाज,,रिपोर्ट@राजकुमार गौतम उमारिया
अंगूठा लगवाकर डकारा 23 लाख का राशन, विक्रेता पर मामला दर्ज,कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी की शिकायत पर कार्रवाई, महीनों तक हितग्राहियों को नहीं मिला अनाज
उमरिया जिले के पाली विकासखंड अंतर्गत कुशमहाखुर्द की शासकीय उचित मूल्य दुकान में बड़े राशन गबन का मामला सामने आया है। करीब 23 लाख 43 हजार 811 रुपए के खाद्यान्न गबन के आरोप में तत्कालीन प्रबंधक सह विक्रेता गुलाब चंद सिंह नापित के खिलाफ थाना पाली में मामला दर्ज किया गया है।
यह कार्रवाई कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी जागृति प्रजापति द्वारा प्रस्तुत शिकायत के आधार पर की गई है। उन्होंने विस्तृत जांच प्रतिवेदन के साथ पूरे मामले को उजागर किया, जिसके बाद पुलिस ने FIR दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।
जांच में सामने आया कि आरोपी द्वारा जून 2025 से 19 जनवरी 2026 के बीच सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत आवंटित गेहूं, चावल, नमक और शक्कर का गबन किया गया। आरोपी ने हितग्राहियों के अंगूठे लगवाकर पीओएस मशीन में वितरण दर्ज किया, लेकिन वास्तविकता में राशन नहीं दिया गया।
ग्रामीणों के अनुसार, मार्च 2025 का राशन कई लोगों को नहीं मिला, जबकि अप्रैल माह की पर्चियां पहले ही निकाल ली गई थीं। वहीं कुशमहाकला गांव में जून से अगस्त 2025 तक लगातार तीन माह तक किसी भी हितग्राही को अनाज नहीं मिला।
सहायक आपूर्ति अधिकारी रोहित सिंह द्वारा की गई जांच में दुकान कई बार बंद पाई गई। मौके पर न तो मूल्य सूची बोर्ड मिला और न ही आवश्यक सूचना पटल लगा था। यह भी सामने आया कि दुकान महीने में केवल दो दिन ही खोली जाती थी।
जांच के दौरान पीओएस मशीन में दर्ज स्टॉक और वास्तविक भौतिक स्टॉक में भारी अंतर पाया गया, जिससे खाद्यान्न के अवैध विक्रय की पुष्टि हुई। साथ ही दुकान निलंबन के बाद भी आरोपी द्वारा नए प्रबंधक को पूरा स्टॉक हस्तांतरित नहीं किया गया।
मामले में कुल 162.19 क्विंटल गेहूं, 440.73 क्विंटल चावल, 11.97 क्विंटल नमक और 4.68 क्विंटल शक्कर का गबन सामने आया है, जिसकी कुल कीमत 23,43,811 रुपए बताई गई है।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 316(3), 316(5) तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
इधर, स्थानीय लोगों में इस पूरे मामले को लेकर आक्रोश है। लोगों का कहना है कि गरीबों के हक का राशन लंबे समय तक हड़पा गया, जिससे उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। उन्होंने दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।


