बस्ती विकास मद के कार्यों में हो रहा है भारी भ्रष्टाचार
कलेक्टर को पत्र लिखकर टेण्डर से कार्य कराये जाने कि की मांग

अनूपपुर। सांसद प्रतिनिधि, नगर पालिका परिषद् अनूपपुर सदस्य, दिशा समिति जिला अनूपपुर पूर्व पार्षद, पूर्व विशेष शासकीय अधिवक्ता पूर्व अध्यक्ष, जनमागीदारी समिति शा. तु. महावि, अनूपपुर अरूण सिंह ने जनजातीय कार्य विभाग कलेक्टर कार्यालय द्वारा ग्राम पंचायतों में बस्ती विकास मद से स्वीकृत करोड़ो विभिन्न स्वीकृत कार्यो के भारी भ्रष्टाचार की आषंका बताते हुए अनूपपुर कलेक्टर को एक पत्र लिखकर टेण्डर प्रक्रिया के माध्यम से कार्य कराए जाने की मांग की है। उन्होने ग्राम पंचायत लेढ़ा, पड़री, पिचरवाही, तीनों जनपद पुष्पराजगढ़, ग्राम पंचायत ताराडांड़, जमुड़ी, दोनों जनपद जैतहरी ग्राम पंचायत बैहाटोला, जनपद कोतमा, में विद्युतीकरण कार्यों को कराये जाने के लिये सरपंच और सचिव द्वारा अपने चहेते ठेकेदारों को बिना किसी निविदा प्रक्रिया अपनाये लाखों रूपये की राशि के कार्यादेश जारी किया गया है। उन्होने पत्र में लिखा कि सरपंच/सचिव द्वारा लाखों रूपये की राशि के विद्युत ठेकेदारों से सांठगांठ कर, सौदेबाजी कर बिना किसी टेण्डर प्रक्रिया के, बिना किसी निष्पक्ष प्रक्रिया अपनाये ठेकेदारों का चयन किया गया है, जिसमें भारी भ्रष्टाचार, लेन-देन की संभावना है। उन्होने प्रक्रिया में पारिदर्षिता के कमी का आरोप लगाते हुए सरपंच/सचिव द्वारा शासन को भारी आर्थिक क्षति पहुचाने की आषंका वक्त की है। उनका कहना है के पी.डब्ल्यूडी, व अन्य विभाग के टेण्डर में 10 प्रतिशत से ज्यादा कम दर पर कार्य पूर्ण कराए गए है। टेण्डर प्रक्रिया अपनाने से शासन को क्षति नहीं होगी। विद्युत ठेकेदारों की शिकायत है कि लाखों रूपये खर्च कर ठकेदारी पंजीयन करायें हैं और उन्हें उक्त करोड़ों के कार्यों में भाग लेने और प्रतिस्पर्धा का अवसर नहीं मिला है, जो पूर्णतः पक्षपातपूर्ण कार्य है। पंचायत निर्माण एजेन्सी नहीं है, ऐसी स्थिति में कार्य के गुणवत्ता, मेजरमेंट, एम.बी. रिकार्ड, सामग्री गुणवत्ता का नियंत्रण कैसे होगा। उन्होने आगे लिखते हुए यह आषंका व्यक्त की है कि पंचायतों द्वारा सीधे ठेकेदार को कार्यादेश किया गया है, जिसमें न तो परफार्मेन्स गारंटी, अमानत राशि जमा कराई गई है और न ही कोई सुरक्षानिधि ली गई है, जिससे कार्य के खराब होने पर ठेकेदारों से वसूली नहीं की जा सकेगी। साथ ही विद्युत विभाग द्वारा सरपंच/सचिव के सीधे आदेश के आधार पर बिना कार्यादेश की वैधानिक प्रक्रिया को देखे ही कार्यादेश जारी किया जाता है तो इस पर होने वाले भ्रष्टाचार, प्रक्रिया की त्रुटि, शासन के राशि की हानि की अनदेखी करने की जवाबदेही विद्युत विभाग के अधिकारियों की भी बनती है उक्त कारणों व अन्य कारणों से उक्त कार्यों में पंचायत सरपंच/सचिव और ठेकेदार की सौदेबाजी की संभावना, अन्य ठेकेदारों को समान अवसर न देकर पक्षपातपूर्ण कार्यादेश शासन को बिना टेण्डर प्रतिस्पर्धा के कार्यादेश कर भारी आर्थिक क्षति पहुंचाने की संभावना, मनमानीपूर्ण कार्य, कोई भी अमानत राशि, परफार्मेन्स गारंटी, सुरक्षानिधि ठेकेदारों से न जमा कराकर शासन के राशि की सुरक्षा न करना तथा स्वयं का लाभ प्राप्त करने की गरज से सरपंच/सचिव द्वारा ठेकेदार को सीधे कार्यादेश जारी करना पूर्णतः नियम विरूद्ध व भ्रष्टाचार करना व भ्रष्टाचार को बढ़ावा देना कार्य होगा। उन्होने अनूपपुर कलेक्अर आषीष वषिष्ठ से यह मांग की है कि सरपंच, सचिव, विद्युत विभाग के कार्यपालन अभियंता, मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद जैतहरी/कोतमा/पुष्पराजगढ़ को तत्काल जारी कार्यादेश निरस्त करने का निर्देश देते हुए उक्त 06 ग्राम पंचायतों के विद्युतीकरण कार्य का टेण्डर (निविदा आमंत्रित) कराकर कार्य कराये जाने का कष्ट करें।