अवैध रेत खनन, परिवहन रोकने में पुलिस प्रशासन फेल, पुलिस के चढ़ावे के दम पर चल रहा सारा खेल बिजुरी का कटकोना बना रेत माफियाओ के लिए स्र्वग

अवैध रेत खनन, परिवहन रोकने में पुलिस प्रशासन फेल, पुलिस के चढ़ावे के दम पर चल रहा सारा खेल बिजुरी का कटकोना बना रेत माफियाओ के लिए स्र्वग
इन्ट्रो- भाजपा अनूपपुर विधायक बिसाहू लाल के इस सवाल के जवाब को तो जिला खनिज विभाग और प्रशासन ने पूरी तरह हजम कर गया जिसमें भाजपा विधायक ने पूछा था कि अवैध रेत खनन रोकने के लिए जिला प्रशासन ने क्या कदम उठाया है। इस सवाल का कोई जवाब न देकर खनिज विभाग ने यह स्पष्ट कर दिया कि अवध रेत खनन को रोकने के लिए उसके पास ना तो कोई योजना है और नहीं उसके द्वारा कोई कार्रवाई की जा रही है। फिलहाल बस यही कहा जा सकता है कि अंधेर नगरी चैपट राजा टका सेर भाजी टका शेर खाजा भागवत पर चल रहा है जिला खनिज विभाग अब अपने झूठ के पुलिंदो से सदन के साथ-साथ मुख्यमंत्री को भी गुमराह करने की कोशिश में जुटा है तो गलत नहीं है।
(क्राइम रिर्पोटर)
अनूपपुर। जिले में चल रहे अवैध रेत खनन का मामला अब विधानसभा में गूंज रहा है इसके बावजूद जिला प्रशासन खनिज और पुलिस विभाग के पास अवैध रेत खनन रोकने के लिए ना तो कोई कार्य योजना है और नहीं पुलिस प्रशासन और खनिज विभाग रेत का अवैध खनन रोकने के लिए कोई सकारात्मक कदम उठाने के लिए तैयार है। इसके पीछे मुख्य कारण यही कहा जा रहा है कि अवैध रेत खनन और परिवहन से पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के पास अवैध वसूली का जो हिस्सा पहुंच रहा है उसे वह गवाना नहीं चाहते और सच यही है कि दूध देने वाली गाय का लात भी सहना पड़ता है और यही इस समय प्रशासन पुलिस और खनिज विभाग कर रहा है। अगर क्षेत्र की वास्तविक स्थिति का आकलन किया जाए तो यह बेहिचक कहा जा सकता है कि जिले में अवैध रेत खनन को रोकने में पुलिस प्रशासन और खनिज विभाग फेल हो चुका है और इसका मुख्य कारण केवल अवैध खनन करने में शामिल रेत माफियाओं द्वारा पुलिस और प्रशासन को चढ़ाए जा रहे चढ़ने को माना जा रहा है। फिलहाल एक अनुमान के तहत इस समय जिले के कोने-कोने में अवैध रेत का खनन हो रहा है लेकिन बिजुरी थाना क्षेत्र का कटकोना घाट रेत माफियाओं के लिए स्वर्ग बन गया है।
रेत माफिया के लिए स्वर्ग कटकोना घाट
केवई नदी पर स्थित कटकोना घाट इस समय रेत माफियाओं के लिए स्वर्ग बना हुआ है। सूत्रों का दावा है कि बिजुरी थाना प्रभारी के पैसा दो अवैध खनन करो के खुलेआम ऐलान के बाद जिले भर के अधिकतर रेत माफिया कटकोना घाट में सक्रिय हो गए हैं। सूत्रों की माने तो रात 11ः00 बजे के बाद सुबह 8ः00 तक यहां पर खुलेआम अवैध रेत खनन का कार्य किया जा रहा है सूत्रों का दावा है कि एक अनुमान के तहत यहां से एक रात में लगभग सौ ट्राली ट्रैक्टर और लगभग 50 डगगी रेत निकाल रही है और इसमें लगभग एक दर्जन से ज्यादा रेत माफिया सक्रिय है। वहीं सूत्रों का कहना है कि कटकोना के बाद गुलीदाड, कोतमा क्षेत्र के चंगेरी, पेरिचुआ, निगवानी क्षेत्र के सारंगढ़, घाटों से भी अवैध रेत खनन का कार्य चल रहा है। इस विषय में इस क्षेत्र के कई जानकारों का कहना है कि यहां पर जो भी रेत माफिया सक्रिय है उनकी पकड़ खनिज विभाग के साथ-साथ पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों तक है और हर जगह दो हजार प्रति ट्रीपि के हिसाब से चढ़ावा चढ़ाया जा रहा है।
जिला मुख्यालय बना रेत माफियाओं के लिए ऐशगाह
एक पुरानी कहावत है चिराग तले अंधेरा और इस समय यह कहावत जिला मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों पर अक्षरस चरितार्थ हो रही है। इस क्षेत्र के रेत माफिया कलेक्टर और पुलिस कप्तान के बंगले के ठीक सामने से अवैध रेत खनन करके अपने वाहनों का परिवहन कर रहे हैं यही नहीं खनिज विभाग के कंधों पर अवैध रेत खनन रोकने की जिम्मेदारी है लेकिन इस विभाग के कार्यालय से चंद कदम दूर सोन नदी के घाटों से शाम होते ही अवैध रेत का खनन शुरू हो जाता है लेकिन इस विभाग के अधिकारियों पर जू तक नहीं रेगती। वहीं सूत्रों का दावा है कि अनूपपुर जिला मुख्यालय के सीसीटीवी फुटेज को निकाल कर देख लिया जाए तो रेत माफियाओं का खुलासा हो सकता है यहां पर यह बता दिया जाए की तुलसी कॉलेज के पीछे से कचरा घाट, करही घाट, बरबसपुर, मानपुर, सोंन, तिपान और बकान, चंदास नदियों के घाटों से अवैध खनन करके खुलेआम माफियाओं द्वारा परिवहन किया जा रहा है और पुलिस प्रशासन और खनन विभाग के अधिकारी सब कुछ जानते हुए भी अंधे गूंगे बहरे बने हुए हैं।