ग्रीष्म ऋतु में संभावित पेयजल संकट से निपटने कार्ययोजना बनाकर करें कार्य-कलेक्टर

ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों के पेयजल उपलब्धता की कलेक्टर ने की समीक्षा 

अनूपपुर / आगामी ग्रीष्म ऋतु में जिले की बसाहट में किसी तरह के पेयजल संकट की स्थिति उत्पन्न न हो इसके लिए अभी से आवश्‍यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जांए। उक्ताशय के निर्देश कलेक्टर आशीष वशिष्ठ ने कलेक्ट्रेट स्थित नर्मदा सभागार में ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों की पेयजल उपलब्धता की समीक्षा करते हुए व्यक्त किए। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी तन्मय वशिष्ठ शर्मा, संयुक्त कलेक्टर  दिलीप कुमार पाण्डेय, अनुविभागीय दण्डाधिकारी पुष्पराजगढ़ श्री दीपक पाण्डेय, जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, नगरीय निकायों के मुख्य नगरपालिका अधिकारी तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन यंत्री एवं सहायक यंत्री व उपयंत्री उपस्थित रहे। बैठक में कलेक्टर ने ग्रामीण एवं नगरीय निकायों की बसाहट में ग्रीष्म ऋतु के अनुरूप पेयजल की उपलब्धता के संबंध में निकायों के अधिकारियों से जानकारी लेते हुए आवश्‍यक व्यवस्थाओं के संबंध में निर्देश दिए। उन्होंने बैठक में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन यंत्री को हैण्डपंप के लिए राईजर पाईप तथा नल-जल योजना वाली ग्रामों के लिए सिंगल फेज मोटर की उपलब्धता के एडवांस प्लान के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आवश्‍यक सामग्री की उपलब्धता के लिए अभी से कार्ययोजना बनाकर कार्य किया जाए। जिससे किसी तरह की समस्या का सामना न करना पड़े। बैठक में जल जीवन मिशन तथा हैण्डपंप की क्रियाशीलता की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने बैठक में राजस्व अधिकारियों को अपने क्षेत्रांतर्गत पेयजल उपलब्धता संबंधी तीन दिवस में मैदानी क्षेत्र का भ्रमण सुनिश्चित कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा जिन नल-जल योजनाओं को ग्राम पंचायत को हस्तांतरित कर दिया गया है। उसके संचालन की जिम्मेदारी ग्राम पंचायतें बेहतर ढंग से करना सुनिश्चित करें।  नगरीय निकायों के पेयजल उपलब्धता की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने 15 दिवस में कार्ययोजना बनाकर कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने बैठक में दी गई समय-सीमा अनुसार कार्यवाही सम्पादित करने के निर्देश दिए हैं।