ABVP द्वारा अमरकंटक विश्वविद्यालय (IGNTU) में अनिश्चितकालीन प्रदर्शन --

 

शोध प्रवेश परीक्षा रद्द करने की मांग

 

अनूपपुर / अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद सैकड़ो कार्यकर्ताओं के साथ इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजाति विश्वविद्यालय अमरकंटक में अनिश्चितकाल आंदोलन एवं प्रदर्शन कर रही है, यह आंदोलन प्रदर्शन विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित शोध प्रवेश परीक्षा (PHD) में धांधली एवं अनियमिताएं को लेकर हो रहा है  जिसमें सैकड़ो कार्यकर्ता एवं छात्र विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन का घेराव करके बैठे हुए हैं, 

ज्ञात होगी शोध प्रदेश परीक्षा का रेट पिटीशन हाई कोर्ट में भी दायर हुआ था जिसको हाई कोर्ट,  जबलपुर ने मंजूर करके इस विषय की गंभीरता से देखते हुए सभी पक्ष को नोटिस जारी किया है, इस विषय की शिकायत शोध प्रवेश परीक्षा के बाद कई छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन एवं मंत्रालयों में भी शिकायत की थी जिनको उचित न्याय नहीं मिला। 

विषय की गंभीरता को देखते हुए अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है, छात्रों की मांग है कि शोध प्रवेश परीक्षा रद्द हो एवं धांधली की जांच सीबीआई द्वारा करवाई जाए  यह मामला हाई कोर्ट, जबलपुर में भी चल रहा है जिसकी दूसरी सुनवाई अगस्त के अंतिम सप्ताह में होनी है।

शोध प्रवेश परीक्षा रद्द करने की मांग

 

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद सैकड़ो कार्यकर्ताओं के साथ इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजाति विश्वविद्यालय अमरकंटक में अनिश्चितकाल आंदोलन एवं प्रदर्शन कर रही है, यह आंदोलन प्रदर्शन विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित शोध प्रवेश परीक्षा (PHD) में धांधली एवं अनियमिताएं को लेकर हो रहा है  जिसमें सैकड़ो कार्यकर्ता एवं छात्र विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन का घेराव करके बैठे हुए हैं, 

ज्ञात होगी शोध प्रदेश परीक्षा का रेट पिटीशन हाई कोर्ट में भी दायर हुआ था जिसको हाई कोर्ट,  जबलपुर ने मंजूर करके इस विषय की गंभीरता से देखते हुए सभी पक्ष को नोटिस जारी किया है, इस विषय की शिकायत शोध प्रवेश परीक्षा के बाद कई छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन एवं मंत्रालयों में भी शिकायत की थी जिनको उचित न्याय नहीं मिला। 

विषय की गंभीरता को देखते हुए अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है, छात्रों की मांग है कि शोध प्रवेश परीक्षा रद्द हो एवं धांधली की जांच सीबीआई द्वारा करवाई जाए  यह मामला हाई कोर्ट, जबलपुर में भी चल रहा है जिसकी दूसरी सुनवाई अगस्त के अंतिम सप्ताह में होनी है।