कोरोना वायरस का कहर देश में तेजी से बढ़ता जा रहा है। देशभर में संक्रमित मरीजों की संख्या 649 हो गई है। वहीं मध्यप्रदेश के इंदौर में लगातार दूसरे दिन कोरोना वायरस से संक्रमित पांच नए मरीज मिले हैं। इसके साथ ही मध्यप्रदेश में मरीजों की संख्या बढ़कर 20 हो गई है।
इंदौर में पांच और लोगों के संक्रमित होने की पुष्टि बुधवार देर रात हुई। मध्य प्रदेश में कोरोना वायस से संक्रमित 20 लोगों में से नौ लोग इंदौर, छह जबलपुर, दो भोपाल, एक व्यक्ति शिवपुरी और एक व्यक्ति ग्वालियर का निवासी है। इन लोगों की हालत स्थिर है और वे अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती हैं। संक्रमित पाई गई उज्जैन निवासी 65 वर्षीय महिला की बुधवार को इंदौर के एक अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई।

यह जानकारी मध्यप्रदेश स्वास्थ्य सेवाओं के अधिकारियों से मिली है। शासकीय महात्मा गांधी चिकित्सा महाविद्यालय के एक प्रवक्ता ने बताया कि इंदौर शहर के अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती पांच और लोगों में कोरोना वायरस संक्रमण की बुधवार देर रात पुष्टि हुई।

उन्होंने बताया कि कोरोना वायरस संक्रमण के नये मरीजों में दो महिलाएं और तीन पुरुष शामिल हैं। ये लोग शहर के अलग-अलग इलाकों में रहते हैं। प्रवक्ता ने बताया कि उज्जैन निवासी 65 वर्षीय एक महिला की बुधवार को इंदौर में इलाज के दौरान मौत हो गई। इंदौर और उज्जैन में कोरोना वायरस संक्रमण के मरीज सामने आने के बाद दोनों शहरों में बुधवार को कर्फ्यू लगा दिया गया।

एमपी विधानसभा प्रमुख सचिव ने खुद को आइसोलेट किया
मध्यप्रदेश विधानसभा के प्रमुख सचिव और जनसंपर्क सचिव ने भी सभी से खुद को क्वारंटीन करने को कहा है। विधानसभा के प्रमुख सचिव ने खुद को भी आइसोलेट कर लिया है। सक्सेना की रिपोर्ट पाॅजिटिव आने के बाद आनन-फानन में विधानसभा सचिवालय ने कहा है कि विधानसभा परिसर में सक्सेना के संपर्क में आए सभी अधिकारी-कर्मचारी और अन्य व्यक्ति खुद को घर में क्वारंटीन कर लें।

सभी कर्मचारी चेकअप करवाएं और डॉक्टर की सलाह लें। विधानसभा के प्रमुख सचिव एपी सिंह ने कहा कि उन्होंने भी घर को सैनेटाइज करवा लिया और सेल्फ क्वारंटीन कर लिया है। इसी के साथ भोपाल में कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़कर दो हो गई है। जबकि प्रदेश में यह आंकड़ा 20 पर पहुंच गया है।

इंदौर में संदिग्ध की मौत 
इंदौर में 47 साल के एक शख्स की गुरुवार को मौत हो गई। इस शख्स को कोरोना वायरस का संदिग्ध पाए जाने पर सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हालांकि अभी तक इस शख्स की जांच रिपोर्ट नहीं आई है। अधिकारी ने कहा कि इस व्यक्ति का पहले उज्जैन के सिविल अस्पताल में इलाज किया गया था और सांस लेने में तकलीफ के लक्षण के बाद बुधवार को इंदौर के अस्पताल में भर्ती कराया गया था। रोगी की ट्रेवल हिस्ट्री मौजूद नहीं है।