चंडीगढ़. कोरोना वायरस (Corona Virus) से निपटने के लिए हरियाणा सरकार ने खर्चे कम करने के लिए बड़ा फैसला लिया है. हरियाणा सरकार (Haryana Government) ने सरकारी कर्मचारियों की भर्ती प्रक्रिया पर एक साल के लिए रोक लगा दी है. वहीं हर साल बढ़ने वाला महंगाई भत्ता भी इस साल नहीं मिलेगा. कर्मचारियों की एलटीसी पर भी रोक लगाई है. हर सरकारी कर्मचारी को 4 साल में एक बार यात्रा के लिए लीव ट्रैवल कन्सेसन मिलता था.

मंगलवार को  मुख्यमंत्री मनोहर लाल कर्मचारी संगठनों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में इन तमाम मुद्दों पर चर्चा करेंगे. वहीं सीएम मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि इस साल हमने अपने खर्चों को कम किया है. हालांकि हम कर्मचारियों की सैलरी देते रहेंगे. आवश्यक काम चलते रहेंगे. हरियाणा में हम जल्द ही अच्छे समय में आ जाएंगे.

वित्तिय संकट से जूझ रही सरकार


बता दें कि कोरोना महामारी की वजह से वित्तीय संकट से जूझ रही हरियाणा सरकार ने अपने खर्चे कम करने का निर्णय लिया है. कोरोना रिलीफ फंड में सरकार के पास अभी तक करीब दो सौ करोड़ रुपये आ चुके हैं और दान की अभी खूब दरकार है. खर्च कम करने और वित्‍तीय भार से बचने को प्रदेश सरकार ने अगले एक साल तक नई भर्तियां करने पर रोक लगाई है.

एक साल के बाद इन सुविधाओं को बहाल कर सकती है सरकार

हरियाणा सरकार का नई भर्तियां नहीं करने, एलटीसी की सुविधा नहीं देने तथा डीए पर रोक लगाने का फैसला एक साल की अवधि तक है, प्रदेश सरकार एक साल के बाद कर्मचारियों की यह सुविधाएं बहाल कर सकती है. एरियर मिलेगा या नहीं, इस पर अभी सरकार ने स्थिति साफ नहीं की है.

कोरोना से निपटने के लिए सरकार कर रही पूरा प्रयास

मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि राज्‍य सरकार कोरोना से निपटने के लिए पूरा प्रयास कर रही है और सभी तरह के कदम उठाए जा रहे हैं. उन्‍होंने कर्मचारियों के महंगाई भत्‍ते पर रोक के संबंध में भी स्थिति स्‍पष्‍ट की. उन्‍होंने कर्मचारियों के महंगाई भत्‍ते पर बस एक साल के लिए लगाया गया है. कोरोना संकट के कारण पैदा हालात से निपटने के लिए इस तरह के कदम उठाया जरूरी हो गया है.