नागरिकता संशोधन कानून पारित होने के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह रविवार को पहली बार कोलकाता के दौरे पर आएंगे। इस दौरान वह यहां एक रैली को भी संबोधित करेंगे। इस बीच कांग्रेस और वाममोर्चा ने सीएए के खिलाफ शाह के दौरे पर विरोध जताने का फैसला किया है। इससे उनके दौरे पर उसी तरह के घमासान का अंदेशा है जैसा जनवरी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे के समय हुआ था।भाजपा सूत्रों ने बताया कि शाह रविवार सुबह राजारहाट में एनएसजी के एक परिसर के उद्घाटन के बाद सीएए के समर्थन में महानगर के शहीद मीनार इलाके में एक रैली को संबोधित करेंगे। उसके बाद वह स्थानीय निकाय चुनावों की रणनीति पर भाजपा नेताओं के साथ बैठक भी करेंगे। दूसरी ओर, कांग्रेस और माकपा ने शाह के खिलाफ रैली और प्रदर्शन करने की योजना बनाई है।

इससे पहले शनिवार को शाह ने ओडिशा के पुरी स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर में भगवान के दर्शन कर पूजा-अर्चना की। गृहमंत्री बनने के बाद शाह पहली बार जगन्नाथ मंदिर पहुंचे थे। जगन्नाथ मंदिर में उनके साथ केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, प्रताप सारंगी और प्रह्लाद सिंह पटेल और भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बैजयंत पांडा भी थे। अमित शाह ओडिशा दौरे के दूसरे दिन शनिवार को सुबह मंदिर प्रांगण पहुंचे जहां ओडिशा भाजपा प्रभारी अरुण सिंह, राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा और प्रदेश अध्यक्ष समीर मोहंती ने सिंह द्वार पर उनका स्वागत किया। 

शाह करीब आधे घंटे मंदिर प्रांगण में रहे। इस दौरान उन्होंने भगवान श्री जगन्नाथ के दर्शन, आरती और प्रार्थना की। इसके बाद वे मंदिर प्रांगण में ही देवी विमला और महालक्ष्मी मंदिर में दर्शन करने पहुंचे। इस दौरान शाह के पारिवारिक पुजारी रघुनाथ गोच्चिकर उनके साथ थे। पुरी के जिला कलक्टर बलवंत सिंह, मंदिर प्रशासन के अधिकारी और स्थानीय नेताओं ने भी उनका स्वागत किया।

शाह इसके बाद भुवनेश्वर में भगवान शिव के लिंगराज मंदिर दर्शन करने पहुंचे। तीनों केंद्रीय मंत्री, भुवनेश्वर से भाजपा सांसद अपराजिता सारंगी और प्रदेश अध्यक्ष भी उनके साथ थे। यहां गृहमंत्री 20 मिनट तक रहे। गृहमंत्री अमित शाह दो दिवसीय दौरे पर शुक्रवार को ओडिशा पहुंचे थे।