भोपाल। लॉकडाउन के बीच भी मप्र के सियासी पारा तेज है। सत्ता में बैठी भाजपा और सत्ता गंवाने के बाद विपक्ष की जिम्मेदारी संभाल रही कांग्रेस हर मुद्दे पर एक दूसरे पर बयानबाजी करने से चूक नहीं रहे है। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ आए दिन सीएम शिवराज को विभिन्न मुद्दों को लेकर पत्र लिख रहे है। ऐसे ही कमलनाथ द्वारा सीएम शिवराज को पत्र लिखकर उन सभी मजदूरों की सूची मांगी है जिन से घर वापसी के लिए किराया वसूला गया है। कमलनाथ ने पत्र में लिखा है कि उन मजदूरों का खर्चा कांग्रेस की प्रदेश ईकाई वहन करेगी।

कमलनाथ के इस पत्र पर मप्र के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने पलटवार किया है। गुरूवार को मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने कमलनाथ को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि अब तक कांग्रेस ने मजदूरों के आने जाने का कही पैसा दिया हो तो बताए। मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने तंज कसते हुए कहा कि कमलनाथ केवल मीडिया में आने के लिए इस तरह का पत्र लिखते है। उन्हें जब मैदान में निकलना था तब नहीं गए अब क्या जायेगे।

वहीं प्रवासी मजदूरों को लेकर गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने बताया कि अब तक 1 लाख मजदूर वापस आ चुके है। चार ट्रेन मजदूरों को लेकर आ चुकी है। शनिवार को 9 ट्रेन आ रही है। अगले एक हफ्ते में दूसरे राज्यों में फंसे मजदूरों को लेकर 50 ट्रेन मध्यप्रदेश आएगी। उन्होंने कहा कि हमारी कोशिश रहेगी की हर जिले में एक ट्रेन आये, ताकि कलेक्टर को परेशान न होना पड़े। बेहतर तरीके से लोगों को सोशल डिस्टेंसिग की मदद से घर पहुँचाया जा सकें। गृहमंत्री ने बताया कि सबसे ज्यादा 23 ट्रेन गुजरात से मजदूरों को लेकर आएगी। इसके अलावा जम्मू कश्मीर के मप्र में रहने वाले 600 छात्रों को 25 बसों से भेजने की व्यवस्था की है।

कोरोना चिंता की बात है, घबराने की नही
मप्र में कोरोना को लेकर बनी स्थिति पर स्वास्थ्य मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि कोरोना चिंता की बात है, घबराने की नहीं। कोई स्वस्थ व्यक्ति को कोरोना होता है और वो तीन दिन के अंदर अस्पताल पहुँचता है तो उसकी मौत नहीं होगी। सरकार के पूरे प्रबंध है, हमारी चिंता है कि मौतें कम हो। मरीज मिल भी रहे है औऱ ठीक भी हो रहे है।