पटना,कोरोना वायरस की वजह से पूरे देश में संकट के हालात पैदा हो रहे हैं। आर्थिक गतिविधियों से ठप होने से देश की रफ्तार भी रुक चुकी है। इस बीच सरकार गरीबों को राशन देकर कुछ राहत देने का काम कर रही है। बिहार में बहुत बड़ी आबादी है, जिसका नाम राशन कार्ड से अब तक नहीं जुड़ पाया है, इसकी वजह से इस संकट के दौर में वे इस लाभ से वंचित रह जा रहे हैं। यही वजह है कि एनडीए के घटक दलों में से एक लोक जनशक्ति पार्टी के नेता चिराग पासवान ने बिहार सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि करीब 14 लाख लोगों का नाम बिहार सरकार को राशन कार्ड धारकों की सूची में जोड़ना था, मगर बिहार सरकार ने केंद्र को अब तक सूची नहीं दी है, जिसकी वजह से उन्हें राशन का लाभ नहीं मिल रहा। 
केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान के बेटे चिराग पासवान ने शुक्रवार को ट्वीट कर कहा, 'जिनका नाम राशन कार्ड लिस्ट में नहीं है वह काफ़ी दिक़्कत में हैं। बिहार में लगभग 14.5 लाख लोगों को इससे जोड़ा जाना है लेकिन प्रदेश सरकार ने अभी तक लाभार्थियों की सूची केंद्र को नहीं दी है, जिससे उन्हें राशन का लाभ नहीं मिल रहा है। मुझे विश्वास है जल्द नीतीश कुमार जी इस पर कदम उठाएंगे।'
उन्होंने एक और ट्वीट में लिखा, लॉकडाउन में केंद्र सरकार ने तमाम प्रदेशों से बचे हुए लगभग 39 लाख राशन कार्ड धारकों की सूची जल्द भेजने को कहा है, जिसमें बड़ी संख्या लगभग 14.5 लाख बिहार प्रदेश के लाभार्थियों की है। केंद्र सरकार के निरंतर प्रयासों के बाद भी बिहार सरकार ने अभी तक सूची नहीं भेजी है।'

बहरहाल, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि जीविका द्वारा पहचान किए गए वैसे परिवारों को शीघ्र सहायता राशि के रूप में एक-एक हजार रुपये और अन्य मदद दिए जाएं, जिनके पास राशनकार्ड नहीं है। यह राशि उन लोगों को भी तत्काल दें, जिनके राशनकार्ड के आवेदन स्वीकृत कर लिए गए हैं। राशि भेजने के बाद इन सभी को राशनकार्ड भी निर्गत करें। 

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री ने पूर्व में निर्देश दिया था कि राशनकार्ड के जिनके आवेदन विभिन्न कारणों से लंबित अथवा अस्वीकृत कर दिए गए हैं, उनकी पुन: जांच करें और इसका निष्पादन कराएं। साथ ही वैसे परिवारों को जीविका द्वारा चिह्नित कराएं, जिनके पास राशनकार्ड नहीं हैं। ताकि इन्हें भी सहायता राशि दी जा सके। लॉकडाउन से उत्पन्न स्थिति को लेकर राज्य के सभी राशनकार्ड धारियों के खाते में एक-एक हजार भेजे जा रहे हैं। एक करोड़ से अधिक कार्डधारियों के खाते में यह राशि भेज भी दी गई है।