इंदौर। कोरोना के चलते गाइड लाइन के कारण इस बार शहर में बड़े स्तर पर रावण दहन कार्यक्रम नहीं होंगे। नवरात्रि और दशहरा को लेकर जिला प्रशासन ने गाइड लाइन जारी कर दी है। रावण दहन पर किसी भी प्रकार की रोक नहीं लगाई, लेकिन शहर हित में आयोजकों ने अपने कदम पीछे खींच लिए हैं। इस बार शहर में कोई बड़ा रावण दहन का आयोजन नहीं होगा। 
जिला प्रशासन ने कोरोना महामारी को देखते हुए गाइड लाइन जारी कर दी है। गरबों पर तो रोक लगाई गई है लेकिन रावण दहन पर कोई बंदिश नहीं है। शर्त में साफ कहा गया कि आयोजन में जनता मास्क लगाए हो और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने के साथ सेनेटाइजर की व्यवस्था की जाए। छूट मिलने के बावजूद इंदौर के सभी बड़े दशहरा आयोजन समिति के कर्ताधर्ताओं ने महामारी को देखते हुए अपने कदम पीछे खींच लिए हैं। चिमनबाग आयोजन समिति के संयोजक अरविंद यादव व अध्यक्ष अनिल यादव ने सबसे पहले आयोजन निरस्ती की घोषणा कर दी। यादव का कहना है कि कोरोना से मिलकर मुकाबला करना है। ऐसा कोई काम नहीं होगा, जिससे महामारी को फैलने का मौका मिले। बात रही परंपराओं की तो समिति के कुछ सदस्य मिलकर हर साल जलने वाले 101 की जगह 6 फीट के सांकेतिक रावण का दहन करेंगे। दशहरा मैदान की आयोजन समिति के सुरजीतसिंह चड्ढा, पिंटू जोशी और सत्यनारायण सलवाड़िया ने भी आयोजन निरस्त करने का फैसला किया है। इधर, पूर्वी क्षेत्र में तिलक नगर मैदान पर बड़ा आयोजन होता है। यहां के कर्ताधर्ता अमित कश्यप और अविनाश कश्यप भी बड़े रावण दहन की बजाय सांकेतिक कार्यक्रम करेंगे। इसी प्रकार विजय नगर और छावनी के आयोजक भी महामारी को देखते हुए आयोजन करने के मूड में नहीं है।