शौचालय का भ्रष्टाचार या  भ्रष्टाचार  में शौचालय
अनूपपुर - अनूपपुर जिले का जिला प्रशासन समय समय पर खूब वाहवाही लूटता है और लूटे भी क्यों न काम ही जरा हट के करते है बस फर्क सिर्फ इतना है इनके कामों में इन्हें बड़ी कामयाबी नजर आती है और हमे इनके कामो में भ्रष्टचारों की बू आती है,
हाल ही के कुछ महीनों पहले जिला प्रशासन अनूपपुर ने जिले को खुले में शौंच मुक्त का तमगा दिया और प्रदेश में खूब वाह वाही लूटी पर आज जो आप ये तस्वीरें देख रहे है सीधे कहूँ तो जिला प्रशासन के मुंह पर उनके अधीनस्थ कर्मचारियों का वो झन्नाटे दार तमाचा है जिसे सायद कोई भी जिला प्रशासन नही लेना चाहेगा पर अनूपपुर जिले में जिला प्रशासन की पता नही क्या मजबूरी है कि अपने अधीनस्थ कर्मचारियों का तमाचा लेने को तैयार तो है पर आंख मूंद कर भृष्टचार देखेंगे बोलेंगे करेंगे कुछ नही धन्य हो जिला प्रशासन और ऐसे अधीनस्थ कर्मचारी
आज जो हम आप को तस्वीरें दिखाने जा रहे है वो ऐसी जगह की है जिन्हें सुन कर आप भी सोचेंगे कि बिना वरिष्ठ अधिकारियों के सह पर ये खेल तो हो ही नही सकता था दरसल मामला गोहन्ड्रॉ का है जो जनपद कोतमा के अंतर्गत आता है और कोतमा से इस ग्रामपंचायत की दूरी इतनी की जनपद कोतमा के अधिकारी चाहते तो मोर्निंग वॉक के साथ इन शौचालयों का निरीक्षण कर सकते थे पर कहावत है जब बाड़ ही खेत खाने लगे तो कोई भला क्या कर सकता है ऐसा ही कुछ मामला कोतमा जनपद के लगता है

 बंद हो खुले में शौच मुक्त अभियान

जिला प्रशासन को राज्यसरकार से इतर एक अपने तरीके से खुले में शौच मुक्त अभियान को बंद करते हुए पूरे जिले में शौचालय निर्माण में रोक लगाने की जरूरत है क्यों कि अनूपपुर जिले में शौचालय निर्माण एक ऐसा चारागाह बन चुका है जिसके निर्माण में बेतहाशा भृष्टचार हो रहा है और अगर समय रहते इसपे रोक न लगी तो सरकार की एक मात्र शौचालय निर्माण योजना ऐसी योजना होगी जिसे न अधिकारी बंद होना पसंद करेंगे और न ही उनके अधीनस्थ काम करने वाले कर्मचारी शौचालय सबसे बड़ा घोटाला कांड है अगर इसकी जांच किसी बड़ी एजेंसी को सौंपा जाता है तो देश के इतिहास में इससे बड़ा दूसरा कोई घोटाला नही होगा

क्यों और कैसे बंद हो शौचालय निर्माण
अगर जिला प्रशासन को लगता है कि शौचालय बहुत ही मत्वपूर्ण है तो जिला प्रशासन हर गांव में चार से पांच सुलभ शौचालय का निर्माण कराये या फिर जिले में सख्त निर्देश देते हुए ये निर्देश दिए जाएं कि जिनके घरों में शौचालय नही होंगे उनको सरकार की किसी योजना का लाभ नही मिल सकता और बने हुए शौचालयों की गुणवत्ता की जांच कर जो भी प्रोत्साहन राशि है वो हितग्राही को शौचालय निर्माण के बाद सीधे उसके खाते में दिया जाए या फिर एक गांव में 20,25 शौचालयों के निर्माण की स्वीकृति दी जाए और उनके निर्माण के दौरान सघन जांच कर उनकी  गुणवत्ता का ध्यान रखा जाए जरूरी नही की 300 शौचालय यूजलेस बनाये जायें उससे बेहतर है कि 25 लोगों को अच्छे शौचालय उपलब्ध हो सके और भुगतान के पहले शौचालयों का एक गठित टीम जांच करे

कैसे कैसे बने है शौचालय
वैसे तो जिले भर में शौचालयों का बुरा हाल है पर आज हम आपको कोतमा के गोहन्ड्रॉ के शौचालयों की तस्वीर दिखा रहे है जहां कई शौचालयों में आज तक कमोड नही लगे तो कई शौचालय आज भी दरवाजे के इंतजार में खड़े है तो कइयों में छत तक नही पैड सकी जबकि इन शौचालयों का निर्माण कई सालों पहले कर पैसों का आहरण कर भृष्टचार की भेंट चढ़ गया

क्यों नही करता जिला प्रशासन कार्यवाही
अब सवाल यह उठता है कि शौचालय निर्माण में घोर अनियमितता की शिकायतें लगातार जिला प्रशासन तक पहुंचती रही है पर जिला प्रशासन क्यों आंख मूंदे हुए है ये समझ के परे है क्या इस पूरे भृष्टचार के खेल में जिला प्रशासन की मूक सहमति तो नही है ये भी गंभीर विषय है क्यों कि समय समय पर जानकारी के बाद भी प्रशासन द्वारा कार्यवाही न करना जिला प्रशासन को भी कटघरे में खड़ा करता है 

कब जागेगा जिला प्रशासन
अब देखना यह है कि क्या वाकई में जिला प्रशासन इस भृष्टचार को संज्ञान में लेता है और किसी ठोस कार्यवाही को अंजाम देता है या फिर अपने अधीनस्थ अधिकारियों कर्मचारियों को  एक बार फिर अभय दान दे कर भृष्टचार करने की खुली छूट दिए रहता है

 इनका कहना है

भाजपा सरकार में शौचालयों के नाम पर लूट हुई है भाजपा के नेता ही ठेका ले कर शौचालयों का निर्माण करते थे और शौचालयों के नाम पर जम कर भृष्टचार किया अब हमारी सरकार आ गई है हम जिला प्रशासन से इस पूरे मामले में बात करेंगे कि सभी नये निर्माण कार्यों पर रोक लगे और जो भी शौचालय बनाये जायें एक कमेटी गठित कर उसकी गुणवत्ता की जांच कर नये शौचालयों का निर्माण हो

सुनील सराफ विधायक कोतमा

 

मैंने भी कई जगह देखा है तो जिले में शौचालय अपने सही मापदंड पर खरे नही उतरे है और ऐसें मामलों के कार्यवाही के लिए कलेक्टर महोदय अधिकृत है मैं पूरे जिले के शौचालयों के मामले की रिपोर्ट उनके समक्ष प्रस्तुत करूँगा उनके निर्देशों के अनुसार कार्यवाही होगी

सरोधन सिंह सी ई ओ जिला पंचायत अनूपपुर