अनुमति समाप्त होने के बाद भी धड़ल्ले से चल रहा क्रेशर
मामला दोनिया फारेस्ट जोन में लगे बालाजी स्टोन क्रेशर का 
अनूपपुर/राजेन्द्रग्राम। मुख्यालय पुष्पराजगढ़ में ये नई बात नही है कि अवैध क्रेशर या अवैध पत्थर खदानो भरमार देखने को जगह जगह मिल जाएगी छत्तीसगढ़ निवासी सुभाष मित्तल जिसका बालाजी स्टोन क्रेशर के नाम से संचालित है जो कि फॉरेस्ट जोन में होने की वजह से जिसकी अनुमति 31.04.2019 को समाप्त हो चुकी है, परंतु ये खनिज माफिया खनिज विभाग के कुछ अधिकारियों से अपनी सांठ गांठ कर धड़ल्ले से क्रेशर चला रहा है।
खनिज माफिया के पास नही है पत्थर खदान
छत्तीसगढ़ के खनिज माफियाओं में शुभाष मित्तल जो काफी दिनों से क्रेशर चला रहा है इसके पास कंही भी पत्थर खदान  नही है सवाल यह उठता है कि आखिर इस खनिज माफिया की क्रेशर बिना पत्थर के इतने दिनों तक क्रेशर का संचालन कैसे किया होगा हर महीने लाखों रुपये का रायल्टी चोरी कर करोड़ो रुपये का राजस्व चोरी करता आ रहा है ताज्जुब की बात तो ये है कि खनिज विभाग एवं राजस्व विभाग अब तक आखिर चुप क्यों था? 
क्रेशर फारेस्ट जोन अंदर, कई विभाग खामोश
दोनिया पंचायत स्थित बालाजी स्टोन क्रेशर वर्षो से फॉरेस्ट जोन में संचालित है परंतु आज तक खनिज विभाग,वन विभाग,राजस्व विभाग एवं प्रदूषण विभाग ने इस खनिज माफिया को प्रशासन ने खुलेआम अभयदान दे रखा है। प्रशासन आज तक खमोश है जिसका नतीजा अवैध उत्खनन कर जीवन यापन कर रहे किसी गरीब मजदूर को अपनी जान देकर चुकाना पड़ता है इन खनिज माफियों के क्रेशर फॉरेस्ट जोन में होने के बावजूद आज तक इसे क्यों नही हटाया गया। आम जनता की भलाई में फारेस्ट विभाग को टांग अड़ाते सबने देखा होगा, परन्तु जंहा कमीशन का खेल चल रहा हो, वहां भला कैसे फारेस्ट विभाग कार्यवाही कर सकता है ये बड़ा सवाल है।
इनका कहना है
आप आकर चेक कर लीजिए, उसके पास अनुमति है।
राहुल शांडिल्य
खनिज प्रभारी अधिकारी, अनूपपुर