अनूपपुर जिला जेलर या तानाशाह

अनूपपुर - लगातर अनूपपुर जिले में जिला जेल की मांग उठती रही और समय के साथ जेल का निर्माण भी हो गया उद्घाटन समारोह भी हो गया,और कैदियों के बसेरा भी शुरू हो गया,और अब जब जिला जेल को शुरू हुए चंद बरस ही बीते है कि इस जेल से ऐसी आवाजें आने लगी है कि कुछ दिनों में सायद जिला जेल क्यों मुख्यालय में बना लोग ये भी सोचने पर मजबूर हो जाएंगे,सूत्र बताते है कि जिला जेलर राघवेंद्र अग्निहोत्री एक तानाशाह रवैया रखता है और हम आप को बता दें कि जिला जेल के ही कुछ कर्मचारी इन तानाशाह जेलर की कहानी ऑफ रिकॉर्ड बताई की हालत अच्छे नही है जिला जेल के तो वहीं कल एक मामले में हमने जिला जेलर से मिलने का भरसक प्रयास किया पर साहब अंदर होने के बाद भी अपने कद्रदानों से यही कहलवाते रहे कि साहब नही है कुछ ने कहा साहब राउंड पे है कुछ ने कहा साहब बाहर गए है और कुछ ने ये कहा कि साहब के पास मोबाइल ही नही है उनका मोबाइल कई महीनों से खराब है साहब आयेंगे तो हम अपने नंबर से बात कराएंगे,वही जिला जेल के एंट्री गेट पर मानो गेट मैन या गेट कीपर नही चम्बल का डकैत बैठा हो ऐसा बर्ताव दरसल जब कल हम जिला जेलर से मिलने गए कि आखिर कार जिला जेल के अंदर एक कैदी कैसे फिनायल का सेवन कर लिया,और कौन कर्मचारी है जिला जेल का जो कैदी की पिटाई करता था जिससे तंग आ कर कैदी ने फिनायल पी अपनी जान देने की कोशिस की पर साहब तो तानाशाह थे ही गेट मैन भी बताने लगा मैं भिंड का हूँ अरे साहब भिंड के हो तो कही के महाराज धिराज या दाऊद तो हो नही हो तो गेट कीपर पहले तो आप अपने कार्यस्थल से नदारद रहे और जब हम ने कुछ पुलिस कर्मचारियों के माध्यम से अपना कार्ड भेज का जेलर साहब से मिलने का आग्रह किया और उनके द्वारा कार्ड अंदर भेज दिया गया उतने में ही ये भिंड नरेश या चंबल के साहब हाजिर हुए और शुरू हो गये मैं भिंड का हूँ और बड़ी बड़ी सेंट्रल जेल में ड्यूटी कर के आया हूँ साहब तो फिर आप तो ये जान लो अनूपपुर जिले में न किसी तानाशाह की जरूरत है और न भिंड चंबल जैसे बीहड़ इलाकों के ठसक दार लोगों की पहले तो आप की गलती आप गेट छोड़ कर नदारद रहे और फिर बाद में तानाशाह जेलर राघवेंद्र अग्निहोत्री के फौजदार होने का सबूत देने के लिए हमे बताने लगे की हम भिंड वाले है अरे अनूपपुर जिला बहुत शांत प्रिय जिला है इसे शांत ही रहने दो चंबल न बनाओ साहब,
सूत्रों के हवाले से खबर लक्ष्मी पूजा ही यहां सब कुछ है

हमारे पुष्ट सूत्र बताते है कि ये सत्रुघन सिंह चौहान भिंड नरेश से लेकर तानाशाह जेलर राघवेंद्र अग्निहोत्री तक अगर आप लक्ष्मी पूजा करते हो तो यहां सब सम्भव है पर अगर आप सोचें कि साहब से जेल की व्यवस्थाओं के बारे हो रही लापरवाही के बारे में जानकारी ले लें तो फिर समझ लो आप को जेलर साहब से मुलाकात तो नही होगी पर भिंड नरेश सत्रूघन सिंह चौहान  अपने रुतबे और भिंड के होने का सबूत जरूर देंगे और ऐसा बर्ताव करेंगे भिंड भिंड करते हुए जैसे भिंड जैसे शांति प्रिय क्षेत्र में गुंडे मवाली रहते हो पर अब सवाल यह उठता है कि जिला जेल की दिनों दिन बिगड़ती व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी कौन लेगा क्यों कि एक कहावत है कि जब बाड़ ही खेत खाने लगे तो किसान क्या कर सकता है वही जिला प्रशासन अगर समय रहते जिला जेल में चल रही हरकतों की तरफ ध्यान नही दिया तो किसी बड़े हादसे से इनकार नही किया जा सकता