भोपाल. राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद भूमि विवाद (Ram Janmbhoomi Babri Masjid Dispute) मामले में सुप्रीम कोर्ट (Supreme court) के फैसले के बाद सबकी प्रतिक्रिया (reactions) आ रही हैं. कोर्ट के फैसले को सबने अपनी-अपनी नज़र से देखा. पूर्व लोकसभा स्पीकर ने सुमित्रा महाजन (sumitra mahajan) ने कहा ये रामलला का अधिकार है. वहीं पूर्व सीएम उमा भारती (uma bharti) ने राम जन्मभूमि आंदोलन के अगुआ रहे अशोक सिंघल और लालकृष्ण आडवाणी को याद किया.

पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने अयोध्या मामले पर सुप्रीम कोरट के फैसले के बाद कहा-ये राम लला का अधिकार है.जिस तरह से एक बच्चे का जन्म जहां हुआ वो उसे मिल जाए तो एक मां को जो खुशी होती है वही खुशी मुझे हो रही है. ये सुप्रीम कोर्ट का संयमित फैसला है.

उमा ने सिंघल को याद किया
पूर्व सीएम उमा भारती ने ट्वीट किया-माननीय सुप्रीम कोर्ट के इस दिव्य फ़ैसले का स्वागत. उन्होंने राम जन्मभूमि आंदोलन के नेता अशोक सिंघल को याद करते हुए लिखा- उनको शत्-शत् नमन. वह सब, जिन्होंने इस कार्य के लिए अपने जीवन की आहुति दे दी उन्हें श्रद्धांजलि एवं आडवाणी जी का अभिनंदन जिनके नेतृत्व में हम सब लोगों ने इस महान कार्य के लिए अपना सर्वस्व दांव पर लगा दिया था.
कैलाश विजयवर्गीय की प्रतिक्रिया
बीजेपी महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने ट्वीट किया-माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने इस फ़ैसले से विश्व में भारत की न्यायपालिका का सम्मान बढ़ाया है. हम देशवासियों को भी चाहिए कि भगवान श्रीराम की मर्यादा के अनुरूप परस्पर प्रेम का संदेश देकर विश्व में भारत का सम्मान बढ़ाने वाला वातावरण निर्मित करें!सभी देशवासियों को बधाई!!
ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा
कांग्रेस नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी ट्वीट के ज़रिए कोर्ट के फैसले पर अपनी प्रतिक्रिया ज़ाहिर की. उन्होंने लिखा-माननीय सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सम्मान करता हू. सभी को इस फैसले को पूरी गंभीरता और धैर्य से स्वीकार करना चाहिए.हम सब की ज़िम्मेदारी है कि इस फैसले के बाद आपसी सौहार्द्र, भाईचारे और अमन चैन की नींव पर मज़बूती से खड़े हमारे देश में शांति और सद्भाव कायम रहे.
देवी अहिल्या को नमन
इंदौर से बीजेपी सांसद शंकर लालवानी ने कहा-राम मंदिर का फैसला सभी धर्मों के लोगों ने मंजूर किया है. इंदौर गंगा जमुनी तहजीब का शहर है. सभी धर्मों के लोगों ने राजबाड़ा पर देवी अहिल्या प्रतिमा पर माल्यापर्ण कर फैसले को स्वीकार किया है.