इन्दौर। भारतीय जनता पार्टी के राष्‍ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय पर एफआईआरके बाद गिरफ्तारी की तलवार लटकने से सियासी घमासान तेज होता जा रहा है। इस मामले को लेकर बीजेपी और कांग्रेस आमने-सामने हैं। जबकि आज इंदौर पहुंचे प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस सरकार को खुली चेतावनी देते हुए कहा कि कैलाश विजयवर्गीय तो महासचिव हैं यदि किसी कार्यकर्ता को भी दबाने की कोशिश की तो पूरा प्रदेश सड़कों पर उतरेगा और एक जन आंदोलन होगा। शिवराज ने कहा कि कैलाश विजयवर्गीय के बाद मैं भी आंदोलन की आग लगाने की बात कह रहा हूं। 
पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सत्ता के मद में मध्य प्रदेश की सरकार चूर हो गई है। ये लोकतंत्र को कुचलने की कोशिश की जा रही है। यदि जनता की आवाज उठाई जाती है तो क्या मुकदमे दर्ज किए जाएंगे। एफआईआर लिखी जाएंगी। कितनों के खिलाफ एफआईआर करेंगे। आपके एफआईआर करते करते हाथ थक जाएंगे, लेकिन लड़ने वालों की कमी नहीं आएगी। मैं सीएम कमलनाथ को चेतावनी देना चाहता हूं कि ये अन्याय की अति है और जुर्म की पराकाष्ठा है। यदि कैलाश विजयवर्गीय जैसे वरिष्ठ नेता, सांसद और विधायकों के साथ इंदौर की जनता की समस्याओं के लिए अधिकारियों से समय मांगते हैं तो अफसरों के पास समय नहीं है, फिर अफसर किस काम के लिए हैं। क्या जनता की आवाज नहीं सुनी जाएगी। क्या जननेता अनदेखा किए जाएंगे और यदि धरना दे दे तो मुकदमा बनाए जाएंगे। लोकतंत्र में सबसे बड़ी ताकत जनता की है। यदि दमन करने कोशिश की गई तो आपका ताज बचेगा नहीं बल्कि जमीन पर आ जाएगा। जनता के हितों पर कुठाराघात होगा तो हमारे नेता और कार्यकर्ता उनकी लड़ाई लडेंगे।
चौहान ने राज्य सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि सरकार को माफियाओं पर कार्रवाई करना है तो रेत माफिया पर कार्रवाई करे, वे खुलेआम लूट रहे हैं। इसमें मंत्री भी शामिल हैं। ट्रांसपोर्ट माफिया के खिलाफ कार्रवाई करो, महाराष्ट्र से मध्य प्रदेश में घुसते ही वाहनों से 7-7 हजार रुपए अवैध रूप से वसूले जा रहे हैं। शराब माफियाओं पर कार्रवाई नहीं की जा रही है। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने भी माफियाओं के खिलाफ अभियान चलाया था। माफियाओं को कुलचने में न हमने कसर छोड़ी, न हम समर्थन में कसर रखेंगे, लेकिन माफिया की आड़ में हम आम आदमी को नहीं कुचलने देंगे।
- इंदौर की तिरंगा रैली को नहीं मिली अनुमति
नागरिकता संशोधन कानून के समर्थन में इंदौर में होने वाली बीजेपी की रैली को प्रशासन अनुमति न मिलने पर पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान ने नाराजगी जाहिर की है। उन्होने कहा कि उज्जैन में भी रैली को अनुमति नहीं दी गई थी, इसलिए ये रैली रैला में बदल गई। रतलाम में भी रैली हुई है और इंदौर में भी 12 जनवरी को तिरंगा यात्रा निकलेगी। जनता के सैलाब को रोकना सत्ता के बस में नहीं है। सरकार के अहंकार को हम चूर कर देंगे।
जानकार सूत्रों के अनुसार भाजपा इस रैली में दो लाख से ज्यादा लोगों की भीड़ जुटाने का दावा कर रही है और इसकी तैयारियां भी शुरू हो चुकी हैं। चिमनबाग मैदान से राजबाड़ा तक निकालने वाली इस रैली में तिरंगा हाथ में लेकर लोग चलेंगे, लेकिन प्रशासन की अनुमति न मिलने से बवाल मचना शुरू हो गया है।
- आईसीयू में भर्ती बीजेपी विधायक का हाल जानने आए थे शिवराज
आगर मालवा से बीजेपी के विधायक मनोहर ऊंटवाल इन दिनों इंदौर के मेंदाता अस्पताल में भर्ती हैं, उन्हें देखने के लिए पूर्व सीएम शिवराज इंदौर पहुंचे थे। उन्होंने ऊंटवाल के बेटे बंटी से बातचीत की और हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया। शिवराज के साथ इंदौर सांसद शंकर लालवानी और प्रदेश उपाध्यक्ष सुदर्शन गुप्ता भी अस्पताल पहुंचे थे। ऊंटवाल के बेटे ने बताया कि लगातार सिर में दर्द होने के कारण उन्हें बुधवार दोपहर इंदौर के मेंदाता अस्तपाल में भर्ती कराया गया था। फिलहाल ऊंटवाल को आईसीयू में रखा गया है। जबकि उनके लिवर का उपचार पहले से चल रहा है।